वित्त के प्रमुख स्रोत क्या है vittiy labh 21

 वित्त अर्थ क्या है।


मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।इस सामाजिक संगठन को सुचारू रूप से संचालन हेतु एक तर्क संगत प्रभावी व्यवस्था की अवस्कता होती है ।


समाज में प्रतिव्यक्ती को कुछ ना कुछ वस्तु की आवश्कता होती है। प्रति वस्तु का एक मूल्य समाज के द्वारा निर्धारित की जाती है। अवाय्यक बस्ती को प्राप्त करने हेतु कुछ ना कुछ प्रदान करना पड़ता है चुकीं वस्तु का मूल्य निर्धरित होती है।


अधिक या कम मूल्य की जरूरत होने पर वित्त अदान प्रदान गलत हो जाता है। अतः इस व्यवाथा को सही करने के लिए सरकार द्वारा मुद्रा दिया जाता है जिसे हम वित कह सकते है।


वित्त के प्रमुख स्रोत क्या है


वित्त को प्राप्त करने का मुख्य साधन है कार्य हमारे द्वारा किया गया कार्य का रूप ही है मुद्रा।कार्य के गुणवत्ता के हिसाब से ही मुद्रा की मूल्य निर्धारण होता है।दूसरे शब्दों में कहें तो अधिक गुणवत्ता वाले कार्य का मूल्य अधिक है कम गुणवत्ता वाले कार्य का मूल्य कम होता है।


परन्तु कुछ स्रोत ऐसे भी जिससे बिना कार्य के या अपने कार्य डेरा प्राप्त मूल्य को बढ़ाया जा सकता है जो निम्नलिखित है।

व्यापार


व्यापार के द्वारा भी धन को प्राप्त किया जा सकता है।व्यापार का अर्थ होता है बस्तुं का आदान प्रदान जिसमे मूल्य के अंतर के रूप में लाभ प्राप्त होता है।




नौकरी 


नौकरी एक ऐसा शाधन है जिसमे व्यक्ति व्यापारिक या सरकारी संस्थानों में श्रम करने के बदले मुद्रा अर्जित करता है।नौकरी करने के लिए जरूरी है कि आपके पास कोई ना कोई गुण हो जिसके वजह से संस्थान आपको कार्य दे सके।


वित्यय संस्थानों में निवेश


अपने अर्जित मुद्रा को बीभीन वित्यय संसाधनों में निवेश कर के लाभ के रूप में धन प्राप्त कर सकते है वित्यय सनशाइन निम्न है।


रीयल स्टेट


रीयल स्टेट में मूल्य हमेशा बड़ता रहता है क्योंकि जमीन सिमत है और जमीन कि आवश्यकता दिन पर दिन बड़ रही है । अतः अपने मुद्रा को रीयल एस्टेट में निवेश करके मुद्रा के मूल्य को बढ़ाया जा सकता है।


भारतीय वित्त  व्यवस्था के प्रमुख स्थंभ


भारतीय वित व्यवस्था के स्रोतों में कुछ वितिय स्थाभों  बारे में अध्यन करेंगें।भारत में मुद्रा निवेश के कई साधन है जो निम्न है।


goverment बांड्स


गवरनमेंट बांड्स निवेश के एक विश्वसनीय साधन है। चूंकि सरकारी बांड सरकार के द्वारा जारी किए जाता है अतः इनके विश्वसनीयता पर कोई शंका नहीं किया जा सकता। सरकारी बांड्स अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले होते है और कम ब्याज होता है ।


बचत खाता


बैंकों के द्वारा दिया जाने वाला बचत खाता एक अच्छा साधन है वित्त लाभ अर्जित करने के लिए।बचत खाता के द्वारा हम अपने मुद्रा को सुरक्षित बैंक में रख सकते है और उसपर ब्याज भी अर्जित कर सकते है। बचत खाते में ब्याज अपेक्षाकृत कम प्राप्त होता है परन्तु बचत खाते में जमा की गायी राशि चलायमान होती है अर्थात कभी भी मुद्रा को अवसकता पड़ने पर निकाल सकते हैं।बचत खाते पर अन्य सभी वितिय संसाधनों से कम ब्याज प्राप्त होता है।


फ़िक्स्ड डिपॉजिट


फ़िक्स्ड डिपॉजिट भी बैंको द्वारा दी जाने वाली खातों का एक प्रकार होता है जिसमें राशि को कुछ समय के लिए ना निकालने का प्रवाधन होता है। फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में बचत खाते से अधिक ब्याज मिलता है।


एम्प्लॉय प्रोवेंट फंड


एम्प्लॉय प्रोवेंट फंड किसी कर्मचारी जो प्रायवेट कंपनी का एम्प्लॉय होता है के लिए होता है। इस फंड में अपेक्षाकृत ज्यादा ब्याज मिलता है बचत खाता और फिक्स डिपॉज़िट के अपेक्षाकृत।



बीमा


बीमा वित्य क्षेत्र का एक ऐसा संसाधन है जिसमें व्यक्ति के परिवार को वित्य सुरक्षा मिलती है व्यक्ति के न रहने पर।बीमा में वित्य सुरक्षा के साथ ही टैक्स और अधिक ब्याज भी प्राप्त होता है।





मिचुयाल फंड


मेट्यूल फंड बीमा की तरह ही एक फंड मैनेजमेंट सिस्टम है जिसमे निवेश कर अत्यधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। परन्तु इस सिस्टम में जीवन सुरक्षा का कोई प्रावधान नहीं है 


शेयर बाजार


भारत सरकार के द्वारा संचालित या निर्देशित शेयर बाजार के संस्थान में लिस्टेड कंपनियों के शेयर को खरीद कर भी लाभ प्राप्त किया जा सकता है ।शेयर बाजार में निवेश से उच्चतम लाभ प्राप्त होता है परन्तु इसमें हानी भी होने कि संभावना होती है  


भारतीय डाक


भारतीय डाक के फंड्स में निवेश भी एक अक्छा विकल्प है निवेश करने के लिए जो एक सुरक्षित और जोखिम रहित निवेश है।


अंत में ये कहा जा सकता है है कि भारतीय अर्थ व्यवस्था के अंतर्गत कई स्रोत है अपनी वित्य हालत को सुधारने के लिए ।व्यवसाय और नौकरी के द्वारा प्राप्त धन को अनेक वित्त शनशाधनों में निवेश कर अपने धन के मूल्य को ज्यादा किया जा सकता है।


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