Nps kya hai 21

 पेन्शन क्या होता है


पेन्शन नियोक्ता द्वारा कर्मचारियों के लिये सेवानिवृत्त के बाद जीवन यापन हेतु दी जानेवाली राशि जो हर महीने कर्मचारियों को दिया जाता है।को पेन्शन कहते है। अर्थात पेन्शन एक रेगुलर incom है जो नियोक्ता द्वरा कर्मचारियों को कार्यमुक्त होने के पक्षात दिया जाता है ।


दूसरे सब्दो में कहें तो पेंशन वह रेगुलर इनकम होता है  जो हम जो कार्य भूतकाल में कर चुके है उसका भुकतान वर्तमान में बिना कार्य के मिलता रहता है। 


पेंशन की जरूरत क्यों


जैसा कि विदित है किसी भी जीव की कार्य करने की क्षमता एक निश्चित आयु तक ही होते ही सामान्यतः यह माना जाता है कि 60 वर्ष के पकचात मनुष्य की कार्य करने की क्षमता घटाने लगती है।परन्तु 60 वर्ष के पक्षात भी जीवन चलता रहता है।


अतः 60 वर्ष के पकचात भी इनकम की अवसक्ता होति है। पेंशन  की जरुरत  इशलिये होती है कि कार्यमुक्ति के पक्षात व्यक्ति को किसी पर असरित ना होना पड़े ।


पेंशन कैसे कार्य करता है।। 


पेंशन  में  कर्मचारियों के द्वरा या नियोक्ता के द्वारा दी जाने वाली राशि corpous के रूप में पेंशन देने वाली कंपनी या सरकारी ट्रेज़री में एकत्रित होता है जब तक कर्मचारी कार्य करता है उसके मशिक वेतन से थोड़े थोड़े राशि कॉर्पोस मे एकत्रित होते रहते है जो कर्मचारी के सेवा निवृत्त के उपरांत एन्युटी के रूप में मिलते रहते है। L।


एन्युटी क्या होता है


एन्युटी एक रेगुलर इनकम है जो इंसुइयोर्ड को इन्सुयरेर के द्वरा प्राप्त होती है।अर्थात एन्युटी वह एकमुश्त रकम है जो मशिक या वार्षिक अंतराल पर बीमित व्यक्ति को बीमा प्रदाता से मिलती है जब तक व्यक्ति जीवित रहता है।साधारण सब्दो में कह सकते है कि एन्युटी पेन्सन के मासिक रासि को कहते है।


जो रासि कार्य करते समय कर्मचारियों द्वारा दी जाती है उसे भी एन्युइटी कहते है। दी जाने वाली रकम को इन एन्युइटी और ली जाने वाली रकम को आउट एन्युइटी कहते है।

nps



एन्युटी के प्रकार


एन्युटी कई प्रकार की होती है। इन एन्युइटी दो प्रकार से होती है।एकमुश्त जमा क़िस्त में जमा।आउट एन्युइटी दो प्रकार की होती है 


1 इममिडीएट एन्युटी


2 डिफरणनुइटी


इममिडीएट एन्युइटी में विमित व्यक्ति कॉर्पोस जमा होने के अगले महीने यदि वह मासिक पेंशन प्राप्त करना चाहता है या अगले वर्ष यदि वर्षिक पेंशन प्राप्त करना चाहता है मिलनी सुरु हो जाती है।


डिफर एन्युटी में विमित व्यक्ति विमा कम्पनी को एक निश्चित समय के पचक्षात पेन्शन प्राप्त करने का निर्देश दे सकता है ।

इसके वाला भी सब प्रकार के anuuity option विमा प्रदाता देता है।


भारतवर्ष में प्रचलित पेन्शन स्किम


सरकारी कर्मचारियों का पुरानी पेन्शन schime


सरकारी कर्मचारी को जो 2004 से पहले कार्य के लिये निक्ति मिली है को सरकार के द्वारा पुरानी पेन्शन स्कीम के तहत पेन्शन मिलने की व्यवस्था सरकार द्वरा है।पुरानी स्कीम में कर्मचारी के वेतन से जो इन एन्युटी थी वो कार्पस के रूप में एकत्रित होती थीं जो सरकार के फण्ड managment के द्वारा विभिन्न बॉन्ड्स में इन्वेस्ट होती थी जिसमे सरकार द्वारा ब्याज़ दर काफ़ी अधिक मिलता था अतः आउट एन्युटी काफी अधिक मिलती थी।


नई नेशनल पेंशन स्कीम


नेशनल पेंशन स्किम भारत सरकार द्वारा 2004 के उपरांत लागू की गई एक रिटायरमेंट स्कीम है ।जो पिरावेट और सरकारी दोनों कर्मचारियों के लिए है।सरकारी कर्मचारी कर्मचारी अपने वेतन का जितना अंश नेदशनल पेंशन स्कीम में अंशदान करता है सरकार के द्वारा उतनी है रकम अंशदान नेशनल पेंशन स्चिकमे में किया जाता है।


परंतु प्रिवेट कर्मचारी अगर नाशननल पेन्शन स्कीम को बाई करता है तो उसके द्वरा अंस दान की गयी रक़म ही नाशननल पेंशन सकीम में होती है।नेशनल पेन्शन स्कीम को कोई भी बाई कर सकता है।





नेशनल पेंशन स्कीम कैसे कार्य करता है।


नाशननल पेन्शन स्किम का कॉन्सेप्ट भी पहले जैसा ही है । इन एन्युटी फण्ड कार्प्स आउट एन्युटी केवल प्रोसेस में परिवर्तन है anuuty रिक्सीवेर और एन्युइटी provider को सरकर के द्वरा न हो कर इन्सुरेंस कंपनियों द्वरा होता है। केवल फण्ड मनागमेंट nsdl नामक सरककरी संस्थान द्वारा होता है। नासशनल पेन्शन स्किन को खरीदने पर nasdl के द्वारा एक parmanent रेटियार मेन्ट accont नंबर प्रादन किया जाता है जिसमें आप रकम को जमा करेंगें ।

Nsdl द्वारा आपके कार्पस का इन्वेस्टमेंट का दो ऑप्शन होते है एक saving अर्थात सरकारीबन्द में इंवेस्टमेंट दूसरा यूलिप अर्थात मार्किट में इन्वेस्टमेंट। ये उपभोक्ता के ऊपर निरभर करता है कि वह कौन सा इन्वेस्टमेंट ऑपशन को चयन करना छत है।

 जब आप रिएरेमेंट होते है तब आपको सरकार द्वारा निर्धारित 6 कॉमपनिया का पेन्शन प्लान लेना पड़ता है।

जिसको आउट अनूईटी या पेन्शन कहते है।



नासशनल पेन्शन schimem  कैसे ख़रीदें



National पेंशन श्चिमे खरीदने के लिए आपको 6 comaniya सरकार द्वरा फण्ड मैनेजमेंट के लिए निर्धारित की गई है जो निम्नलिखित है के सेल्स रिप्रजेंटेटिव से सम्पर्क करना होता है 


Hdfc life


Icici prudentioal


Lic


नाशननल इन्सुरेंस कंपनी


Sbi life


स्टार यूनियन हेल्थ इन्सुरेंस कॉमपनि


साल्से परशन को डॉक्यूमेंट देने होते है जिसमे आधार कार्ड सांकले चेके पैन कार्ड फ़ोटो नामानि नाम एंड बिरथ डेट,aur amont ka चेक


खरीदने के उपरांत nsdl द्वरा 10 दिन के भीतर प्रान कार्ड जिसपे आपका परमानेंट रिटायरमेंट accont नंबर होता है आपके पाते पर सेंड कर दिया जाता है।

उसके उपरान्त प्रान नंबर के द्वारा  nsdl ब्ब्सिते पर ईद पासवर्ड जनरेटर कर के अपने फण्ड के value को कभी भी देख सकते और निश्चित अन्तराल के उपरान्त रकम जमा कर सकते है।


60 साल से पहले nps में जमा राशि के 20/ राशि निकाल सकते है। 60 साल के बाद जमा राशी का 60/राशि जरूरत पड़ने पर निकाल सकते है।बाकी बचि राशि या पूरे फण्ड का अगर आप रासि निकलते नही है तो,को उपरोक्त कॉमपनिया का पेंशन प्लान लेना होता है। मेरा मानना है कि nps में जमा रासि को निकालना नही चाहिए बलकि पूरी रासि का पेंशन पालन में इन्वेस्ट करना चाहिए।


हड़फसी लाइफ पेंशन प्लान


Hdfc लाइफ irdia जो कि insurance सेक्टर के लिए सरकार रेगुलेटर संस्थान है के द्वारा प्राइवेट कंपनी को लाइसेंस देने के लिए जारी नियम के बाद पहली प्रिवेट कॉमपनि है।hadfclife ने लाइफ इन्सुरेंस का लाइसेंस standard लाइफ कंपनी के साथ 2000 में लिया। hdfclife का licence no 101 है। Hdfclife दो तरह के पेन्सन प्लान ऑपरेट करती है जो निम्नलिखित है।

1 hdfclife pension guaranteed plan

2 new imidideate annuity plan


इन प्लान की चर्चा हम नेक्स्ट ब्लॉग में करेंगें।







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