छोटी कमाई बड़ा परिवार financial planing kaise 21

सीमित कमाई में बड़ी जिमेदरी का निर्वाहन कैसे


फाइनेंशियल प्लानिंग एक कला और विज्ञान दोनों है। आप चाहे जितना भी कमाई करते हों आपके पास वित्य स्रोत चाहें कितना भी क्यों न हो परन्तु कभी न कभी आपको वित्य कमी का एहसास जरूर होता है । कभी ना कभी उधार लेने की आवश्यकता जरूर महशुश होती है।


प्रकृति का नियम है की आवश्यकताएं कभी ख़त्म नहीं होती आवश्यकताओं के प्रारूप बदल जाती है समस्याएं हमेशा बनी रहती है। इसका मूल कारण है की फाइनेंसियल प्लानिंग कैसे करें का ज्ञान ना होना।


फाइनेंशियल प्लानिंग कैसे करें


वित्य स्रोत सीमित हमेशा रहेंगे क्योंकि सिस्टम में स्रोत सीमित है प्रकृति ने स्रोत सीमित रखें है परन्तु  आवश्यकताओं की संख्या निरंतर बढ़ती रहती है इसका कारण है स्रोत प्रकृति के सिस्टम की विषय वस्तु है और आवश्यकता मन का विषय है अतः मन का मैनेजमेंट के द्वारा फाइनेंशियल मैनेजमेंट किया जा सकता है यह एक कला है।

फाइनेंशियल प्लानिंग



फाइनेंशियल प्लानिंग के तत्व का ध्यान देना आवश्यक है जो एक विज्ञान है जिसमे विश्लेषण, प्रयोग और इंप्लीमेंट करना होता है आई उन तत्वों का विश्लेषण प्रयोग और इंप्लीमेंट करते है


1 आय के श्रोतों और  निश्चित अमाउंट की गाड़ना


आय हमें कीन कीन स्रोतों से प्राप्त होते है और इसकी tनिरंतरता कितनी है इसका विश्लेषण करना जरूरी है किन किन क्षेत्रों से निरंतर आय प्राप्त हो रही है और उसमें कितनी निरंतरता है और कब तक यह निरंतर मिलता रहेगा इस बात को विश्लेषण प्रथम चरण है  फाइनेंशियल प्लानिंग का। 


दूसरा चरण है  जो आय अर्जित किया गया है उसका प्रबंधन कैसे किया जाए । प्रबंधन को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है।


1.खर्च 

2. बचत


खर्च का प्रबंधन कैसे करें


जब हम धन को अर्जित करते है तो खर्च भी करना होता है कारण है आवश्यकता की पूर्ति करना आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए ही हम धन को अर्जित करते है।खर्च को दो भागों में विभाजित कर सकते है


1. जरूरी खर्च

2.अनावश्यक खर्च


1. जरूरी खर्च


जरूरी खर्च वह है जो नित्य जीवन में जरूरी आवश्यकताओं को पूर्ति हेतु होता है जैसे भोजन , दांत साफ कर ने हेतु टूथ ब्रश, ऑयल इत्यादि ,


2अनवाश्यक खर्च


अनावश्यक खर्च में दिखावे और विलासिता की सामग्री जैसे महगी गाडियां इत्यादि


अतः हम अनवाश्यक खर्च को कम या बिल्कुल त्याग कर सकते है  और बचत की धनराशि बड़ा कर सकते है यही फाइनेंशियल प्लानिंग का स्मार्ट मैनेजमेंट है।

फाइनेंशियल प्लानिंग



बचत


आय के कुछ हिस्सा को हमेशा बचत के लिए बचा कर रखना चाहिए। बचत के कई फाइनेंशियल सर्विसेज है जो निम्न लिखित है


सेविंग खाता 


सेविंग खाता बचत का एक लोकप्रिय माध्यम है क्योंकि इसमें जमा धन राशि को कभी भी जरूरत पड़ने पर निकल सकते है।


जीवन बीमा बचत प्लान


जीवन बीमा में भी बचत हेतु प्लान होते है जो एक अच्छी माध्यम है ज्यादा लाभ अर्जित करने का।


रिकरिंग डिपॉजिट, फिक्स डिपाजिट भी एक माध्यम है बचत की धनराशि को सुरक्षित करने हेतु।


अतः बचत  फाइनेंशियल प्लानिंग का एक प्रमुख तत्व है अपने जरूरत और सोच के हिसाब से बचत का प्लान जरूर करें।


like our facbook page


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Nps पेंशन फण्ड मैनेजर चेंज कैसे करें क्या है फायदे ohoo 1

Nps kya hai 21

वित्त के प्रमुख स्रोत क्या है vittiy labh 21